India News
Written by: Journalist Vijay Mishraकल ही की बात है, दुनिया के इस कोने से उस कोने तक भू-राजनीति (Geopolitics) के बड़े-बड़े फव्वारे छूट रहे थे। हर कोई यह साबित करने में जुटा था कि वह इतिहास...
— विजय मिश्राहमारे देश में जब भी कोई नया ईंट-गारे का ढांचा खड़ा होता है, तो उसका सबसे पहला काम जनता की सेवा करना नहीं, बल्कि नेताओं की वरिष्ठता और उनकी अहं-तुष्टि का माप-तौल करना होता...
Breaking News
चाय, पत्नी, वो और सुहागरात का अंत | By Journalist Vijay Mishra
सबसे पहले यह बताता हूँ कि यह लेख लिखनें की नौबत क्यों आई?आज सुबह जब मैं अखबार और समाचार पोर्टल्स की सुर्खियों से गुज़र...
चमत्कार का बाज़ार और दिमाग़ की नीलामी by Journalist Vijay Mishra
आजकल प्रेमानंद जी सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। उनकी कई रील्स देखकर अचानक गौतम ऋषि की याद आ गई—उस दौर की याद, जब...
ऋषियों की ऑडिट रिपोर्ट और वैकुंठ का लोकतंत्र: तिरुपति बालाजी का इतिहास | Journalist Vijay
Written by: Journalist Vijay Mishraहमारे यहाँ धर्म और देवताओं के मामले में एक बड़ी सुविधा है—ईश्वर कभी बुरा नहीं मानता। अगर मानता, तो वैकुंठ...
पैंतालीस की उम्र, जब वफ़ादारी का इनाम सिर्फ़ छंटनी और धोखा बनता है | Journalist Vijay
मैं, #JournalistVijay, रोज़ की तरह खबर-दर-खबर गुज़र रहा था। एक पत्रकार की आँखें इतनी खबरों से टकराती हैं कि संवेदनाएँ अक्सर सुन्न पड़ जाती...
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री सुगम परिवहन (MPYPIL): बस की यात्रा, 10% का चंदा और लोक-कल्याण का जुगाड़ | Journalist Vijay | MP News
— Journalist Vijay Mishra की शैली मेंबहुत दिन हुए, जब मैंने एक बार खटारा बस की यात्रा की थी। तब मैं समझता था कि...
मध्यप्रदेश में निठल्लों की राष्ट्रीय पाठशाला, रीवा का ‘22.3%’ और साहिबों का विकास का ढोल | Journalist Vijay | MP News
सरकारी कागजों की अपनी एक खास गंध होती है। उसमें चूने की बदबू होती है, जिसे बाबू लोग अक्सर 'विकास की महक' कहते हैं।...
ChatGPT, काम-वासना का पागलपन और 5000 पन्नों का पाखंड | Journalist Vijay
खानदान की इज्जत, मध्यवर्गीय थू-थू और मर्डर की आसान ट्यूशनहमारे महान, संस्कारी और आध्यात्मिक देश में शादी केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है।...
सास, सम्मोहन और समाज: मैनपुरी के थाने में जब संस्कृति ने दम तोड़ा | Journalist Vijay
Writer: Journalist Vijayमैनपुरी के घिरोर थाने की हवा में उस दिन अजीब किस्म की खामोशी घुली हुई थी। अमूमन थानों में जो हवा बहती...
इतिहास की अलमारी से निकला ‘गुलाम’ और भारत का पहला ‘आज़ाद’
1914 की ख़िलाफ़त तकरीर से लेकर 1947 के बाद शिक्षा मंत्रालय के विवादित फैसलों तक—जानिए स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना आज़ाद का...
BRICS Summit: राहुल गांधी का थाली दर्शन, चिकन का लोकतंत्र और रील्स के ‘क्रांतिकारी’
हमारे देश की राजनीति भी किसी बहुरंगी मिस्ट्री थ्रिलर से कम नहीं है! जब देश में युवाओं के करियर, बेरोजगारी, स्टार्टअप्स की असफलता और...
Guntur का ‘वाटर वॉर’: क्या वायरल वीडियो ही अब न्याय का नया रास्ता है?
By #JournalistVijayGuntur से एक बहुत ही परेशान करने वाली खबर सामने आई है। एक मामूली-से पानी के विवाद ने इतना खौफनाक रूप ले लिया...


